सोमवार, 10 जुलाई 2017

गुरुवार के दिन करें ये छोटा सा काम मिलेगी मनचाही नौकरी



हर किसी की चाहत होती है कि वह एक ऐसी नौकरी करे जिसमें अच्छे पैसे के साथ-साथ उसकी तरक्की भी हो।लेकिन कभी-कभी आपकी कुंडली में गुरु ग्रह दोष होता है जिसके कारण आपको नौकरी मिलने में परेशानी होती है और इसी के साथ ही आपको शादी और भाग्य में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड सकता है। अगर आपके जीवन में ऐसी मुश्किलें उत्पन्न हो रही है तो इनका समाधान करने के लिए गुरुवार का दिन आपके लिए शुभ हो सकता।
गुरूवार का दिन भगवान् बृहस्पति का दिन माना जाता है। भगवान् बृहस्पति सभी देवताओं के गुरू हैं, कैसी भी समस्या हो ये सभी का समाधान करते हैं। तो गुरूवार के दिन गुरु का एक सरल मंतर जाप करने से आप अपनी राह में आने वाली सभी अड़चनों को दूर कर सकते है। जानिए कुछ ऐसे उपाय जिनसे आप अपने ग्रह दोष दूर कर सकते है।
                            गुरुवार व्रत विधि :-
इस दिन सुबह उठकर सबसे पहले भगवान विष्णु का ध्यान कर व्रत करने का संकल्प लें। इसके पश्चात स्नान आदि करने के बाद पीले रंग के वस्त्र पहने और पीले रंग के वस्त्र पर गुरु बृहस्पति की प्रतिमा को रखकर पंचामृत स्नान कराएं। स्नान के बाद गंध, अक्षत, पीले फूलों से भगवान की पूजा करें। पीली वस्तुओं जैसे चने की दाल से बने पकवान, गुड़, हल्दी या पीले फलों का भोग लगाएं।
इस दिन भगवान बृहस्पति के मंत्र ऊँ बृं बृहस्पते नम: का जाप करके आरती अवश्य करें। इसके पश्चात क्षमा प्रार्थना कर मनोकामना पूर्ति हेतु प्रार्थना करें।दरअसल गुरुवार के दिन व्रत-पूजा से गुरु ग्रह की कृपा से सुख-समृद्धि मिलती है। इसके साथ-साथ गुरुवार को पीले वस्त्र पहनें, पीले फलों का प्रयोग करें, पीले चन्दन से पूजा तथा पूजा के बाद कथा अवश्य सुनें। इस दिन एक ही समय भोजन करें और ध्यान रहे, भोजन में पीले चने की दाल आदि का ही प्रयोग करें।परन्तु भोजन में नमक का प्रयोग कदापि न करें।
                          गुरुवार व्रत का फल :-
इस व्रत को करने से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं और धन-धान्य, पुत्र, विद्या समेत सभी मनवांछित फलों की प्राप्ति होती है। परिवार को सुख-शान्ति मिलती है। इसलिए इस व्रत को सर्वश्रेष्ठ और अति फलदायक कहा गया है। इस व्रत में केले का पूजन करना चाहिए। कथा और पूजन के समय तन-मन, कर्म, वचन से शुद्ध होकर अपनी इच्छा को बृहस्पतिदेव से पूरी करने की प्रार्थना करनी चाहिए। उन इच्छाओं को बृहस्पतिदेव अवश्य पूर्ण करते हैं ऐसा मन में दृढ़ विश्वास रखना चाहिए।

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