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शनिवार के दिन शनिदेव की कृपा और आशीर्वाद में शुभ फल पाना चाहते हैं तो शनिवार को स्नानादि कर्मों से निवृत्त होकर किसी शनि मंदिर या नवग्रह मंदिर में जाएं।
यदि सुबह का समय हो तो अथि शुभ है और यदि आप सुबह के समय न जा पाएं तो संध्या के समय भई स्नानादि करके जा सकते हैं।
मंदरि में काले रंग का आसन बिछाएं और शनिदेव की मूर्ति के सामने बैठ जाएं। इसके बाद विधि अनुसार शनिदेव की पूजा करें।
यदि आप मंदिर या घर दोनों जगह शनिदेव की पूजा करने में सक्षम न हों तो लकड़ी की चौकी पर काला कपड़ा बिछाएं और उस पर शनिदेव की फोटो रखें, फिर उसके सामने बैठकर शनिदेव की पूजा करें।
पूजा के समय ध्यान रहे कि अपना मुंह पश्चिम दिशा की ओर रखें। इसके बाद शनिदेव को तेल, काले तिल, उड़द, नीले फूल, काला वस्त्र आदि चढ़ाए। किसी भी व्यजंन का भोग लगाएं। इसके बाद शनि मंत्र का 108 बार जाप करें-
ॐ सूर्यपुत्रों दीर्घदेहोविशालाक्ष: शिवप्रिय:।मन्दचार प्रसन्नात्मा पीड़ा दहतु मे शनि:।।
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